Skip to main content

महाराष्ट्र में बनेंगे 19,40,000 नए घर, मुंबई होगा झोपडा मुक्त...



मुंबई: प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत सन 2022 तक राज्यभर में 19 लाख 40 हजार नए घर बनाए जाएंगे। मुंबई में ही 11 लाख 30 हजार नए घर बनाने की योजना है। मुंबई में झोपड़ों को खत्म करने के लिए सरकार ने महानगर में विभिन्न जगहों पर 3,436 क्लस्टर तैयार किए हैं, जिसमें 830 क्लस्टर में जीपीएस सिस्टम से सर्वे कराया गया है। इन क्लस्टर में 2 लाख 45 झोपड़े हैं। मुंबई में एसआरए ने 1,86,145 नए घर तैयार किए हैं।  विधान परिषद में राकांपा की सदस्य विद्या चव्हाण, किरण पावस्कर, प्रसाद लाड, प्रवीण दरेकर समेत अन्य सदस्यों ने मुंबई व महाराष्ट्र में गरीबों को घर मुहैया कराने को लेकर प्रश्न पूछा था। सदस्यों ने सरकार से पूछा कि 2000 से 2011 के बीच उन लोगों को घर देने का निर्णय लिया है, जो अपात्र हैं? अपात्र लोगों को सरकार निर्माण लागत या फिर रेडी रेकनर की दर से पैसा लेकर घर देगी। इसके एवज में इमारत बनाने वाले बिल्डर को अतिरिक्त एफएसआई देगी। शिवसेना के अनिल परब ने कहा कि शिवशाही प्रकल्प शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे की देन है। वह चाहते थे कि झोपड़ों में रहने वालों को सरकार मुफ्त में घर मुहैया कराए। इसलिए अपात्र लोगों को घर देने की जो नीति सरकार ने बनाई है, उसमें सरकार गरीब से किसी भी तरह की कीमत वसूल नहीं करे, गरीब लोग इतना पैसा कहां से लाएंगे?
लंबे समय तक चली चर्चा में गृह निर्माण मंत्री प्रकाश मेहता और राज्य मंत्री रवींद्र वायकर ने सदस्यों के उठाए सवालों का जवाब दिया। वायकर ने सदन को बताया कि झोपड़ों में रहने वालों को मुफ्त में घर देने के बाबत निश्चित ही सरकार विचार करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार सभी को छत मुहैया कराना चाहती है। केंद्र की प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत राज्यभर में 19 लाख 40 हजार नए घर बनाए जाएंगे। म्हाडा के अलग-अलग प्राधिकरण ने इस साल 4,64,954 घर बनाए हैं, जबकि 2016-17 में 6,715 घर बनाए गए थे। इसी तरह, मुंबई में एसआरए ने 1,86,145 नए घर तैयार किए हैं, जिसमें अधिनियम 33 (10) के झोपड़पट्टी पुनर्वसन के तहत 1,06,411 घर, अधिनियम 33 (11) के विकास योजनाओं से बाधित लोगों के लिए 76,000 घर, और 33 (14) ट्रांजिट कैंप के 3,114 घर बनाए गए। सेज व नॉज सेज के अंतर्गत 2024 इमारतों को एनओसी दिया। वायकर ने सदन को बताया कि म्हाडा इमारतों के डिवेलपमेंट में जिन बिल्डरों ने सरकार को घर नहीं दिया, उन बिल्डरों को सरकार काली सूची में डालेगी।
"झोपड़ा मुक्त मुंबई"
राज्य की भाजपा-शिवसेना सरकार मुंबई को झोपड़ा मुक्त बनाना चाहती है। इस संबंध में राज्य मंत्री वायकर ने सदन में कहा कि सरकार जल्द ही एक विधेयक लाएगी। विधेयक के अनुसार, सर्वे में 2011 तक के जिन झोपड़ों को अपात्र पाया गया था, उन्हें सरकार कम कीमत पर घर देगी। सर्वे के अनुसार, मुंबई में कुल 11 लाख 30 हजार झोपड़े हैं। इन झोपड़ों में रहने वाले पात्र लोगों को एसआरए योजना के अंतर्गत मुफ्त में घर मिलेगा, लेकिन जो अपात्र हैं, उन लोगों को योजना के अंतर्गत कीमत लेकर सरकार घर देगी। कीमत अदा करने के लिए उस अपात्र झोपड़ाधारक को केंद्र डेढ़ लाख और राज्य सरकार एक लाख रुपये की आर्थिक मदद भी देगी। जो व्यक्ति कीमत नहीं देगा, उसे मुंबई मेट्रोपोलिटन रीजन में कहीं पर घर मिलेगा। इस संबंध में राज्य कैबिनेट ने निर्णय लिया है। उसकी मंजूरी के लिए सरकार इसी सत्र में विधेयक लाएगी।

Comments

Popular posts from this blog

चार लोकसभा और 10 विधानसभा उपचुनाव के नतीजे थोड़ी देर में, कैराना सीट पर सबकी है नजर

 पालघर। देश के 4 लोकसभा और 10 विधानसभा सीटों पर सोमवार को हुए उपचुनाव के नतीजे आज बृहस्पतिवार को आएंगे। बृहस्पतिवार सुबह 8 बजे इन सभी सीटों पर मतों की गिनती शुरू हो चुकी है। इन सभी सीटों में से सबसे ज्यादा नजर उत्तर प्रदेश की कैराना लोकसभा सीट पर रहेगी। यहां बीजेपी को हराने के लिए विपक्षी पार्टियां रालोद उम्मीदवार का समर्थन कर रही हैं। 2019 लोकसभा चुनाव की ओर बढ़ रहे देश में विपक्षी पार्टियां कैराना में बीजेपी को हरा कर एक बड़ा संदेश देना चाहती हैं। सोमवार को हुए मतदान में काफी जगह ईवीएम-वीवीपैट में गड़बड़ी की खबरें आई थीं, जिसके बाद यूपी की कैराना, महाराष्ट्र की भंडारा-गोंदिया लोकसभा और नगालैंड की एक विधानसभा सीट के कुछ पोलिंग बूथों पर दोबारा वोट डलवाए गए थे। कैराना से भाजपा सांसद हुकुम सिंह और नूरपुर में भाजपा विधायक लोकेंद्र चौहान के निधन के कारण उप चुनाव हो रहे हैं। कैराना लोकसभा सीट के उपचुनाव पर देश के राजनीतिक दलों की निगाहें हैं। क्योंकि 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले हो रहे इस चुनाव की नतीजे देश की सियासत को नया संदेश देने वाले हैं। गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीट क...

महाराष्ट्र से वापस लौट सकेंगे प्रवासी मजदूर,डीएम की अनुमति होगी जरूरी

मुंबई। लॉकडाउन की वजह से देशभर में लॉकडाउन लागू है. अलग-अलग राज्यों के मजदूर और लोग दूसरे राज्यों में फंस गए हैं. महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख गुरुवार को कहा कि प्रवासी और अन्य फंसे हुए लोग अपने-अपने राज्यों में जिला मजिस्ट्रेट की अनुमति के बाद वापस लौट जाएंगे. जिला मजिस्ट्रेट ही प्रवासी मजदूरों को वापस भेजने के लिए नोडल अधिकारी की भूमिका में होंगे. लोगों को नाम, मोबाइल नंबर, गाड़ियों का विवरण(अगर हो तो), राज्य में अकेले हैं या साथ में हैं, इन सबका क्रमवार ब्यौरा देना होगा. महाराष्ट्र में लॉकडाउन की घोषणा के बाद लगभग 6 लाख मजदूर फंसे हैं. ये मजदूर बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और ओडिशा के हैं. इस वक्त इन मजदूरों के रहने-खाने की जिम्मेदारी महाराष्ट्र सरकार पर है. हालांकि कुछ मजदूर अपने गृह राज्य जाने की मांग कर रहे हैं. अब गृह मंत्रालय की ओर से जारी नई गाइडलाइन के मुताबिक मजदूर अपने राज्यों को लौट सकेंगे. राज्य इसके लिए तैयारी कर रहे हैं. दरअसल बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र जैसे कुछ राज्यों की मांग के बाद गृह मंत्रालय ने अलग-अलग स्थानों पर फंसे हुए प्रवासी मजदूरों, लोगों और ...

पीएम मोदी के कार्यकाल की सबसे बड़ी मुश्किल 18 फरवरी को आएगी

दिल्ली। देश के और सभी प्रधानमंत्रियों की तरह नरेंद्र मोदी भी जब प्रधानमंत्री बने, तो उन्होंने अपने मन मुताबिक कुछ फैसले किए. हर प्रधानमंत्री की तरह उन्हें भी समर्थन और विरोध झेलना पड़ा. हालिया सबसे बड़े फैसलों जैसे नोटबंदी और जीएसटी के बाद उनके समर्थन और विरोध का दौर जारी है. चुनाव में जीत के साथ ही विरोध की आवाज थोड़ी धीमी होती है और समर्थन की आवाज तेज हो जाती है. फिर अगला चुनाव आता है और फिर से यही प्रक्रिया दुहराई जाती है. नरेंद्र मोदी कोई पहले ऐसे प्रधानमंत्री नहीं हैं, जो इन मुसीबतों से दो चार हो रहे हैं. हर नेता के साथ यही होता रहा है. चाहे वो इंदिरा गांधी के बैंकों के राष्ट्रीयकरण का मसला हो, नरसिम्हा राव के मुक्त अर्थव्यवस्था का मसला हो या फिर मनमोहन सिंह का अमेरिका के साथ परमाणु करार का, चुनाव के दौरान विरोध बढ़ता ही रहा है. अगर चुनाव जीत गए तो आवाज दब जाती है और अगर हार गए तो इस आवाज को और भी बल मिलता है. कुछ ऐसी ही स्थिति आंदोलनों की भी होती है. कई ऐसे आंदोलन होते हैं, जो सरकारों को घुटने टेकने पर मजबूर कर देते हैं. वहीं कुछ आंदोलन मौसमी होते हैं. चुनावी मौसम में सिर...