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सुल्तान सलाउद्दीन ओवैसी भारतीय राजनीतिज्ञ थे




  हैदराबाद। भारतीय राजनीति में सुल्तान सलाहुद्दीन ओवैसी का नाम आज भी लिया जाता है।
ओवैसी का जन्म 14 फरवरी 1931 में हुआ था। वे अखिल भारतीय मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन पार्टी के एक भारतीय राजनेता थे और देश के तेलंगाना क्षेत्र में सक्रिय थे। इसके अलावा 2004 में उनकी सेवानिवृत्ति तक उन्होंने लगातार छह पदों के लिए हैदराबाद से संसद सदस्य के रूप में कार्य किया था।
भारत की राजनीति में अपनी अमिट छाप बनाने वाले ओवैसी जी भारतीय राजनीति के धुरंधर माने जाते थे और इसके साथ ही उन्हें राजनीतिज्ञ भी माना जाता था। ओवैसी जी का भरापूरा परिवार था परिवार में शामिल बेटों ने ओवैसी जी से ही राजनीति के गुर सीखे थे जिसके बाद बेटों ने भी राजनीति के क्षेत्र में अपना नाम कमाया और साथ ही कुशल नेता भी बने।
सुल्तान सलाहुद्दीन ओवैसी 1958 में ही राजनीति के क्षेत्र में चले गए थे, तब उनकी उम्र काफी कम थी। अपनी सक्रियता के चलते उन्हौने राजनीति में अपनी कुशलता से नए नए मुकाम हासिल किए। राजनीति के क्षेत्र में वे बहुत सक्रिय थे। उन्हौने हमेशा ही मुस्लिमों की मदद के लिए राज्य की तलाश करने के बजाए अपने पैरों पर खड़े होने की बात कही। ओवैसी को देश के साथ साथ हैदराबाद की राजनीति में सबसे मजबूत व्यक्ति माना जाता था। उनका वर्चस्व इतना था कि मुस्लिम वोट बैंक हमेशा ​ही उनके साथ रहता था, जिससे उन्हें हैदराबाद में सबसे कुशल राजनेता माना जाता था। जानकारी के अनुसार ओवैसी जी भारतीय राजनीति में अपना एक अलग ही मुकाम बनाए हुए थे और साथ ही मुस्लिमों के लिए भी हर संभव मदद करने के लिए तत्पर रहते थे। भारतीय मुस्लिमों के प्रति सहज और सरल ओवैसी सरकारी नौकरियों और शिक्षा संस्थानों में पिछड़े मुस्लिमों के लिए आरक्षण का समर्थन करते रहे हैं। राजनीति में दक्ष सुल्तान ओवैसी की मृत्यु 29 सितंबर 2008 में हुई थी।

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