Skip to main content

शब-ए- बरात मुबारक रात, स्टंटबाजी अल्लाह को पसंद नहीं: मौलाना मुफ्ती मुकर्रम



(सभी फाइल फोटो)

नई दिल्ली: शब-ए-बरात की रात को सड़कों पर अक्सर होने वाली स्टंटबाजी और हुड़दंग से चिंतित के रहबरों ने लोगों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को घरों में रहकर ही इबादत करने की हिदायत दें और उन पर नजर रखें। उधर दिल्ली पुलिस ने भी स्टंटबाजी को रोकने के लिए तैयारी कर ली है। इस दफा एक मई की रात को मुस्लिम समुदाय के लोग रातभर जागकर इबादत करेंगे।

 शब-ए-बरात पर सड़कों पर होने वाली स्टंटबाजी में पिछले कुछ सालों में कमी जरूर आई है लेकिन अब भी कुछ लोग हुडदंग और स्टंटबाजी करते हैं।
फतेहपुरी मजिस्द के इमाम मौलाना मुफ्ती मुकर्रम ने कहा, ‘‘अल्लाह ने कुछ मुबारक रातें बनाई हैं जिनमें कुछ देर भी इबादत करने से ज्यादा सबाब पुण्य मिलता है। शब-ए-बरात में सूरज डूबते ही अल्लाह कबूलियत के दरवाजे खोल देता है और दुआएं तथा तौबाएं कबूल होती हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘लोगों को इस रात में घरों में रह कर इबादत करनी चाहिए और वक्त जाया नहीं करना चाहिए, लेकिन कुछ नौजवान बाइक से स्टंटबाजी जैसी हुड़दंग करते हैं जो अल्लाह को बिल्कुल पसंद नहीं है।’’
मौलाना मुकर्रम ने कहा, ‘‘मां-बाप का फर्ज है कि वे ऐसे नौजवानों को घरों में ही रोकें और उनसे घरों में ही इबादत कराएं। मां बाप उन पर नजर रखें। उन्हें गाड़ियों की चाबी न दें।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे स्टंटबाजी करने वाले लोग कानून का उल्लंघन करते हैं जिन पर पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए। जब ऐसे लोग कानूनी कार्रवाई की जद में आएंगे तो उन्हें सालों तक अदालत के चक्कर लगाने होंगे। इसलिए मां-बाप को अपने बच्चों पर ध्यान देना चाहिए और ऐसी बुराइयों में शामिल होने से रोकना चाहिए।’’
सामाजिक कार्यकर्ता डॉ फहीम बेग ने कहा, ‘‘मस्जिदों के जरिए मां-बाप और बच्चों को समझाया गया है कि शब-ए-बरात पर स्टंटबाजी करने का मजहब से कोई लेना देना नहीं है, यह उनका मनचलापन है। उन्हें स्टंटबाजी नहीं करनी चाहिए। अव्वल तो उन्हें घरों में से ही नहीं निकलना चाहिए। उन्हें घरों में रहकर इबादत करनी चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस्लाम कहता है कि कानून का पालन करना सर्वोपरि है और जो इसका उल्लंघन करता है उसपर कार्रवाई होनी चाहिए।''
डॉ बेग ने कहा कि हमारे स्वयंसेवी रात में व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस के साथ सड़कों पर होंगे और कानून तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करने में उनकी मदद करेंगे। हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई एकता कमेटी के अध्यक्ष परवेज मियां ने कहा, ‘‘पिछले कुछ सालों में सड़कों पर स्टंटबाजी की घटनाओं में कमी आई है। हम लोगों ने मस्जिदों के जरिए और पर्चे छपवाकर लोगों को जागरूक किया है कि वे अपने बच्चों को घरों में रोकें। पुलिस के साथ भी हमारी बैठक हुई है। हमारे स्वयंसेवक रात में पुलिस की मदद करेंगे।’’
उधर दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता मधुर वर्मा ने कहा कि शब-ए-बरात पर स्टंटबाजी रोकने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। रात 10 बजे से इंडिया गेट जाने वाले रास्तों पर स्टंटबाजी करने वालों पर नजर रखी जाएगी। जो पकड़े जाएंगे उन पर सख्त कानून कार्रवाई की जाएगी। यातायात पुलिस के साथ मिलकर नजर रखी जाएगी।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा रिजर्व पुलिस बल का भी इस्तेमाल किया जाएगा। वर्मा ने पुष्टि की कि शब-ए-बरात की रात को कुछ संगठनों के स्वयंसेवी पुलिस के साथ व्यवस्था बनाए रखने में उनकी मदद करेंगे।

Comments

Popular posts from this blog

चार लोकसभा और 10 विधानसभा उपचुनाव के नतीजे थोड़ी देर में, कैराना सीट पर सबकी है नजर

 पालघर। देश के 4 लोकसभा और 10 विधानसभा सीटों पर सोमवार को हुए उपचुनाव के नतीजे आज बृहस्पतिवार को आएंगे। बृहस्पतिवार सुबह 8 बजे इन सभी सीटों पर मतों की गिनती शुरू हो चुकी है। इन सभी सीटों में से सबसे ज्यादा नजर उत्तर प्रदेश की कैराना लोकसभा सीट पर रहेगी। यहां बीजेपी को हराने के लिए विपक्षी पार्टियां रालोद उम्मीदवार का समर्थन कर रही हैं। 2019 लोकसभा चुनाव की ओर बढ़ रहे देश में विपक्षी पार्टियां कैराना में बीजेपी को हरा कर एक बड़ा संदेश देना चाहती हैं। सोमवार को हुए मतदान में काफी जगह ईवीएम-वीवीपैट में गड़बड़ी की खबरें आई थीं, जिसके बाद यूपी की कैराना, महाराष्ट्र की भंडारा-गोंदिया लोकसभा और नगालैंड की एक विधानसभा सीट के कुछ पोलिंग बूथों पर दोबारा वोट डलवाए गए थे। कैराना से भाजपा सांसद हुकुम सिंह और नूरपुर में भाजपा विधायक लोकेंद्र चौहान के निधन के कारण उप चुनाव हो रहे हैं। कैराना लोकसभा सीट के उपचुनाव पर देश के राजनीतिक दलों की निगाहें हैं। क्योंकि 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले हो रहे इस चुनाव की नतीजे देश की सियासत को नया संदेश देने वाले हैं। गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीट क...

महाराष्ट्र से वापस लौट सकेंगे प्रवासी मजदूर,डीएम की अनुमति होगी जरूरी

मुंबई। लॉकडाउन की वजह से देशभर में लॉकडाउन लागू है. अलग-अलग राज्यों के मजदूर और लोग दूसरे राज्यों में फंस गए हैं. महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख गुरुवार को कहा कि प्रवासी और अन्य फंसे हुए लोग अपने-अपने राज्यों में जिला मजिस्ट्रेट की अनुमति के बाद वापस लौट जाएंगे. जिला मजिस्ट्रेट ही प्रवासी मजदूरों को वापस भेजने के लिए नोडल अधिकारी की भूमिका में होंगे. लोगों को नाम, मोबाइल नंबर, गाड़ियों का विवरण(अगर हो तो), राज्य में अकेले हैं या साथ में हैं, इन सबका क्रमवार ब्यौरा देना होगा. महाराष्ट्र में लॉकडाउन की घोषणा के बाद लगभग 6 लाख मजदूर फंसे हैं. ये मजदूर बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और ओडिशा के हैं. इस वक्त इन मजदूरों के रहने-खाने की जिम्मेदारी महाराष्ट्र सरकार पर है. हालांकि कुछ मजदूर अपने गृह राज्य जाने की मांग कर रहे हैं. अब गृह मंत्रालय की ओर से जारी नई गाइडलाइन के मुताबिक मजदूर अपने राज्यों को लौट सकेंगे. राज्य इसके लिए तैयारी कर रहे हैं. दरअसल बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र जैसे कुछ राज्यों की मांग के बाद गृह मंत्रालय ने अलग-अलग स्थानों पर फंसे हुए प्रवासी मजदूरों, लोगों और ...

पीएम मोदी के कार्यकाल की सबसे बड़ी मुश्किल 18 फरवरी को आएगी

दिल्ली। देश के और सभी प्रधानमंत्रियों की तरह नरेंद्र मोदी भी जब प्रधानमंत्री बने, तो उन्होंने अपने मन मुताबिक कुछ फैसले किए. हर प्रधानमंत्री की तरह उन्हें भी समर्थन और विरोध झेलना पड़ा. हालिया सबसे बड़े फैसलों जैसे नोटबंदी और जीएसटी के बाद उनके समर्थन और विरोध का दौर जारी है. चुनाव में जीत के साथ ही विरोध की आवाज थोड़ी धीमी होती है और समर्थन की आवाज तेज हो जाती है. फिर अगला चुनाव आता है और फिर से यही प्रक्रिया दुहराई जाती है. नरेंद्र मोदी कोई पहले ऐसे प्रधानमंत्री नहीं हैं, जो इन मुसीबतों से दो चार हो रहे हैं. हर नेता के साथ यही होता रहा है. चाहे वो इंदिरा गांधी के बैंकों के राष्ट्रीयकरण का मसला हो, नरसिम्हा राव के मुक्त अर्थव्यवस्था का मसला हो या फिर मनमोहन सिंह का अमेरिका के साथ परमाणु करार का, चुनाव के दौरान विरोध बढ़ता ही रहा है. अगर चुनाव जीत गए तो आवाज दब जाती है और अगर हार गए तो इस आवाज को और भी बल मिलता है. कुछ ऐसी ही स्थिति आंदोलनों की भी होती है. कई ऐसे आंदोलन होते हैं, जो सरकारों को घुटने टेकने पर मजबूर कर देते हैं. वहीं कुछ आंदोलन मौसमी होते हैं. चुनावी मौसम में सिर...