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गोवा से लापता हो गई थी दुबई की राजकुमारी, नौसेना ने ढूंढ निकालने के बाद भेजा यूएई




मुंबई। दुबई के शासक और प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मख्तूम की लापता बेटी राजकुमारी शेख लतिफा को वापस यूएई भेज दिया गया है।
दुबई की राजकुमारी लतिफा अपने फ्रांसीसी दोस्ट हर्व जोबर्ट के साथ गोवा के पास समंदर से लापता हो गई थी। खुद राजकुमार ने एक अलर्ट मैसेज भेजकर ये बताया था कि उन्हें चार लोगों ने किडनैप कर लिया है। राजकुमारी ने दुबई पुलिस में काम करने वाली राधा स्टरलिंग को 4 मार्च को व्हाट्सऐप पर मैसेज किया था कि वो और उनके दोस्त हर्व जॉबर्ट लोगों से घिरे हुए हैं जो उनपर गोलियां चला रहे हैं। जिस बोट से वे मैसेज भेज रही थी, उसकी आखिरी लोकेशन गोवा के समुद्र तट से 50 नॉटिकल मील दूर पता चला थी।
सूत्रों की मानें तो भारतीय नौसेना को भी दो मार्च को एसओएस मिला था, जिसमें ये जानकारी थी कि दुबई की राजकुमारी गोवा के पास से लापता हो गई है। जानकारी मिलते ही भारतीय नौसेना हरकत में आई और लापता राजकुमारी को ढूंढने का काम शुरू हुआ। इसी दौरान नेवी को गोवा के तट से कुछ दूरी पर एक संदिग्ध जहाज नजर आया। सूत्रों की मानें तो जिस जहाज पर राजकुमारी को बंधक बनाकर रखा गया था, उस पर नेवी को चार लोग मिले, जो देखने में तो भारतीय नजर आ रहे थे। मगर उनका बात करने का तरीका अलग था। इसके बाद भारतीय नौसेना ने कोस्टगार्ड के साथ मिलकर ऑपरेशन चलाया और राजकुमारी लतिफा को जहाज से छुड़ा लिया।
हालांकि ये अभी तक साफ नहीं हो पाया है कि राजकुमारी लतिफा कैसे इस जहाज पर पहुंचीं। राजकुमारी लतिफा को छुड़ाने के बाद भारतीय सुरक्षाबलों ने उसे आठ मार्च को दुबई भेज दिया था।
इससे पहले लतिफा ने व्हाट्सऐप पर चार मार्च को आखिरी मैसेज भेजा था। जिसमें लिखा था कि, "राधा मेरी मदद करो, बाहर गोलियां चल रही हैं।" ये मैसेज उन्होंने अपनी एक दोस्त राधा स्टर्लिंग को किया था। जोकि दुबई के एक एनजीओ में काम करती हैं। उस वक्त राजकुमारी लतिफा ने अपनी दोस्त को कहा था कि वो और उनका फ्रेंच दोस्त लोगों से घिरे हैं। जो उनपर गोलियां बरसा रहे हैं। इसके बाद राधा ने राजकुमारी को गोलियों की आवाज रिकॉर्ड करके भेजने को कहा। मगर दूसरी तरफ से लतिफा ने कोई जवाब नहीं दिया।
दरअसल राजकुमारी ने दुबई छोड़ने से पहले एक वीडियो मैसेज भेजा था, जिसमें उन्होंने कहा था कि, मैंने संयुक्त अरब अमीरात को छोड़ दिया है,लेकिन मैं अभी भी खतरे से बाहर नहीं हूं, मैं ये उम्मीद करती हूं कि सबकुछ ठीक हो जाएगा, क्योंकि मेरी सहायता के लिए बहुत से लोग आगे आए हैं।" उसके बाद से वो अमेरिका में भी शरण लेने की कोशिश कर रही हैं।

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